Tuesday 11 May 2010

मूर्तियों के बाद मायावती को चाहिए एक हेवली

मायावती का मूर्ति प्रेम तो जगजाहिर है ही बहन जी महलों की भी शौकीन हैं॥अपने महल की खातिर मायावती दूसरे के घरों पर भी कब्जा करने से गुरेज नहीं कर रहीं हैं। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि हालात कुछ यही बयां कर रहे हैं | बादलपुर में जज की कोठी का मामल अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि बहन जी के सर एक और इल्जाम लग गया है। कहने वाले तो यही कह रहे हैं कि लखनऊ में एक पूर्व जज की कोठी पर बहन जी की तिरछी नजर है॥तभी तो रात के अंधेरे में एलडीए के गार्ड इस कोठी में कूद गए और जबरन अपना तंबू गाड़ने दरअसल ये कोठी जस्टिस नियामतुल्लाह ने बनवाई थी॥जस्टिस नियामतुल्लाह वहीं है॥जिन्हें पाकिस्तान बनने के बाद वहां के अटार्नी जनरल बनने का ऑफर मिला था।लेकिन उन्होंने हिंदुस्तान से बेंइंतहा मोहब्बत होने की खातिर जिन्ना से मिले इस ऑफर को ठुकरा दिया और इस कोठी में बाकी की जिंदगी गुजारना पंसद किया॥परिवार को वही यादें इस कोठी से जुडी है।

बात साफ है कि राजधानी के पॉश मॉल एवेन्यू इलाके में इस कोठी के ठीक बगल में मायावती का घर है और सामने बहुजन समाज पार्टी का दफ्तर अब ज्यादा क्या समझाना जहां मायावती का घर और दफ्तर हो वहां किसी और की कोठी भला कैसे रह सकती है॥लेकिन अपनी पुश्तैनी कोठी को बचाने की खातिर अब्दुल्लाह परिवार की पत्रकार बहु मैदान में डटी है

परिवार वालों का आरोप है कि राज्य में कई सरकारें आई और गई॥ लेकिन हालात ऐसे नहीं थे॥ बहन जी के राज में जीना मुश्किल हो गया है॥जिस पर लोगों की हिफाजत का जिम्मा है॥जब वहीं लोगों के सिर का छत छीनने लगे तो ऐसे में आम आदमी किससे फरियाद करे!

रात के अंधेरे में लखनऊ डेवलपमेंट ऑथारटी ने चोरों की तरह॥ सुरक्षाकर्मियों को जस्टिस नियामतुल्ला की कोठी पर कब्जा करने की खातिर भेजा॥लेकिन पुलिस के मौके पर पहुचंने के बावजूद इस गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई के लिए एलडीए के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है

एलडीए के वही सुरक्षाकर्मी हैं॥ जो देर रात मॉल एवेन्यू में रिटायर जज नियामतुल्लाह की कोठी में दीवार कूदकर दाखिल हो गए थे हलांकि मीडिया और पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद ये सभी वहां से निकल भागे॥ लेकिन मीडिया और पुलिस के जाते ही ये सुरक्षाककर्मी फिर से कोठी में घुस गए मगर मीडिया वालों के पहुंच जाने से जब इनकी जान पर बन आई तो अब ये एलडीए के वीसी यानी उपाध्यक्ष मुकेश मेश्राम का नाम लेने से भी नहीं हिचकिचा रहे थे।

3 comments:

  1. hathi ka pet bahut bada hai, dekhiye kya kya khata hai.

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  2. Ab khane ka mauka nahi milega...Janta jaag chuki hai Awadhesh bhai...

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  3. hathi ka pet bahut bada hai, dekhiye kya kya khata hai.

    ye baat sahi hain

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