Sunday 24 February 2013

एक समाजवादी बजट


समाजवादी पार्टी ने हमेशा से ही किसानों, मज़दूरों और नौजवानों का हितैषी होने कि बात कही है और समाजवादी पार्टी के दुसरे बजट में जिस तरह से उनंहे केन्द्र में रक्खा गया है उससे कही कोई शक़ नही राह जाता कि हमारे युवा मुख्यमंत्री परम्परा और आधुनिकता का अनूठा संगम है; एक ऐसा इनसान जो जितनी आसानी से लैप्टॉप और टेबलेट चला सकता है उतनी ही आसानी से ट्रैक्टर और हल भी चला सकता है....

जो ग्लोबल समित कराकर उद्योगपति बुला सकता है तो किसानों का दर्द समझकर  नहरो में पानी और केंद्रों पर खाद भी पहुँचवा सकता है.....

ईश्वर आपको ऐसा ही बनाए रक्खे भइया....

Saturday 16 February 2013

मीडिया का पक्षपात...


मीडीया को कोई कुंभ मे नहाता हुआ दिखता है तो कभी स्टेशन परिसर के अंदर हुए भगदड़ मे अखिलेश सरकार ज़िम्मेदार दिखती है, कभी आज़म ख़ान साहब का ताज महल पर भाषण दिखता है..

लेकिन ये नही दिखता की गंगा जमुनी तहज़ीब का नज़ारा पेश किया उन्न्होने, मेला क्षेत्र की ज़िम्मेदारी उठाई और कम से कम मेला परिसर और शहर मे अधिकतम सुविधाए दिलवाई..

१०८ की अंबूलेंस सेवा नही दिखती जिसने आज ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदल दी है..

१०९० नही दिखता जिसकी वजह से राह चलते मनचलो मे एक डर सा पैदा हो गया है.

सालो बाद इस खेती के सीज़न मे आया हुआ नहरो का पानी नही दिखता ??

बिना लाठी खाए मिलने वाली खाद और बीज नही दिखते ??

गाँव का वो समरसता भरा वातावरण नही दिखता ???

मैं कन्या विद्या धन, बेरोज़गारी भत्ता, और टॅबलेट, लॅपटॉप जैसी योजनाओं का नाम नही लूँगा क्यूकी ये पर्याप्त चर्चा पा चुकी लेकिन बाकी उपर की योजनाओं ने किसानो और ग्रामीनो का दिल जीता है, उनका जीवन आसान किया है...

क्या मीडिया को ये सब नही दिखता....