Wednesday 28 April 2010

क्या बसपा केन्द्र की यूपीए सरकार के लिए संकटमोचक बनेंगी?

महंगाई के मुद्दे पर सम्पूर्ण विपक्ष के कटौती प्रस्ताव के मद्देनजर कांग्रेस सरकार को बचाने के लिए बसपा की शरण में है। बसपा और कांग्रेस में एक गुप्त समझौता हुआ है। इसके संकेत बसपा सुप्रीमो मायावती को आय से अधिक सम्पत्ति मामले में सीबीआई के राहत देने से मिले रहे हैं। कांग्रेसी सशंकित हैं। लोकसभा में बजट सत्र में सम्पूर्ण विपक्ष ने केन्द्र की यूपीए सरकार को कई मुद्दे पर घेरने के लिए एकजुट है। विपक्ष कटौती प्रस्ताव लाने जा रहा है। सभी राजनीतिक दलों ने इसकी तगड़ी रणनीति तैयार की है। विपक्ष के कटौती प्रस्ताव पर बसपा अहम भूमिका निभा सकती है।

बैसाखी पर टिकी यूपीए सरकार ने विपक्ष के कटौती प्रस्ताव से निपटने के लिए बसपा पर डोरे डालने शुरू कर दिए हैं।

इसकी सबसे बड़ी मिसाल सीबीआई ने बसपा सुप्रीमो मायावती को आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में राहत देने की घोषणा से मिलती है। एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि केन्द्र की यूपीए सरकार के सामने सम्पूर्ण विपक्ष की एकजुटता ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। इस संकट से निपटने के लिए कांग्रेस और बसपा के बीच एक गुप्त समझौता हुआ है। इसी समझौते के तहत बसपा को कई मामलों में राहत दी गई है

। पहला कांग्रेस यूपी में ज्यादा हस्तक्षेप नहीं करेगी।

दूसरा बसपा को केन्द्र सरकार सहयोग करेगी।

तीसरा कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष को हटाया जाए।

इसके एवज में बसपा विपक्ष के कटौती प्रस्ताव पर कांग्रेस का साथ देगी। इस पर दोनों दलों के बीच सहमति हो गई है। मालूम हो कि चौदहवीं लोकसभा के कार्यकाल के दौरान अमेरिका के साथ हुए परमाणु करार के मुद्दे पर बसपा विपक्ष के साथ थी। जबकि सपा कांग्रेस के साथ। लेकिन इस बार तस्वीर बदल गई है। सपा कांग्रेस का सबसे ज्यादा विरोध कर रही है। हाल ही में महिला आरक्षण विधेयक पर राज्यसभा में हुई वोटिंग पर सदन से वाकआउट कर बसपा ने कांग्रेस का साथ दिया था। ।
बहनजी को सीबीआई ने आय से अधिक मामले में राहत से गुप्त समझौते के तहत दी है।

5 comments:

  1. shat pratishat ,mayavi chehra hai maya ka

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  2. बसपा केन्द्र की यूपीए सरकार के लिए संकटमोचक है।

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  3. Aap dono bhaiyo ke comment ke liye shukriya...

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  4. http://www.youtube.com/watch?v=YD7jlBr1Y7I&feature=player_embedded#

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  5. तानाशाह सरकार, मालामुर्ती का खुमार, हवेली का बुखार और फौजी पर अत्याचार

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